जल गंगा संवर्धन अभियान: विधायक मीणा ने श्रमदान कर तालाब गहरीकरण कार्य में निभाई सहभागिता।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मिलकर जल संरक्षण का दिया संदेश।
नटेरन,विदिशा:
जल संरक्षण और संवर्धन के महत्व को देखते हुए तहसील नटेरन के ग्राम जोहद में प्राचीन तालाब के गहरीकरण का कार्य किया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत आयोजित इस पहल में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने श्रमदान कर जल संरक्षण की शपथ ली।
इस महत्त्वपूर्ण अभियान में शमशाबाद विधायक सूर्यप्रकाश मीणा ने स्वयं अपने हाथों से श्रमदान किया और तालाब गहरीकरण कार्य में सहभागिता निभाई। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण आज के समय की महती आवश्यकता है और इसे लेकर समाज को जागरूक होना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को जल संचय और जल संरक्षण का संदेश देते हुए इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी श्रमदान कर अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता:
इस अभियान का उद्देश्य केवल तालाब का गहरीकरण ही नहीं, बल्कि समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर इस पुनीत कार्य में श्रमदान कर जल संवर्धन का संकल्प लिया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों को जल संरक्षण की विभिन्न तकनीकों और परंपरागत जल स्रोतों के पुनरुद्धार के महत्व को समझाया गया।
संस्थाओं और प्रशासन की भागीदारी:
इस अभियान का संचालन मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वाधान में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति, चयनित नवांकुर संस्था नटेरन द्वारा किया गया। इस कार्य में शमशाबाद विधायक सूर्यप्रकाश मीणा, यशपाल रघुवंशी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपनी सहभागिता निभाई। इसके अलावा, जनपद सीईओ जितेंद्र धाकरे, तहसीलदार आनंद जैन, जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक भीकम सिंह दांगी, नटेरन नवांकुर संस्था अध्यक्ष विनोद कुशवाहा, किशनपुर नवांकुर संस्था के गोविंद शर्मा, मेंटर गौरव सक्सेना, प्रवीण शर्मा, योगेंद्र किरार, सत्येंद्र श्रीवास्तव सहित सेक्टर की पाँच समितियों के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
भविष्य के लिए जल संरक्षण का संकल्प:
इस आयोजन के दौरान सभी प्रतिभागियों ने मिलकर श्रमदान किया और जल संग्रहण के महत्व को समझाया। जल संरक्षण का संदेश फैलाने के लिए जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसमें जल बचाने और पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित करने का आह्वान किया गया।
तालाब के गहरीकरण से भविष्य में इस क्षेत्र में जल स्तर को बनाए रखने में सहायता मिलेगी और जल संकट की समस्या को कम किया जा सकेगा। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इस तरह के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे ताकि जल संरक्षण को लेकर जनमानस में एक स्थायी समझ विकसित की जा सके।