खेत में लगी भीषण आग, दो एकड़ गेहूं की फसल जलकर हुई राख, किसानों को भारी नुकसान।
सिलौंड़ी में आगजनी की घटनाओं में इजाफा, समय पर दमकल वाहन न होने से बढ़ा संकट।
सिलौंड़ी,ढीमरखेड़ा:
गर्मी का मौसम शुरू होते ही आगजनी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है।विगत दिनों ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र के ग्राम झारापानी मैं खेत मैं आग लगने से दो किसानों को भारी नुकसान हुआ था। एवं मंगलवार को सिलौंड़ी क्षेत्र में खेतों में लगी आग ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस घटना में दो किसानों की लगभग दो एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
सिलौंड़ी के किसानों आशीष राय और पंकज राय के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी। इसी बीच, अज्ञात कारणों से खेत में अचानक आग लग गई, जिससे उनकी पूरी फसल जलकर राख हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा खेत उसकी चपेट में आ गया।
वहीं, किसान अनिल काछी के खेत में भी आग लगने से करीब आधे एकड़ की फसल जलकर नष्ट हो गई। आग फैलते ही ग्रामीणों और किसानों ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। अगर समय रहते आग नहीं बुझाई जाती, तो सैकड़ों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान हो सकता था।
इस आगजनी की घटना से किसानों को गहरा आर्थिक झटका लगा है। उन्होंने स्थानीय पुलिस चौकी में लिखित शिकायत देकर आगजनी से हुए नुकसान की जानकारी दी और सरकार से मुआवजे की मांग की है।
गौरतलब है कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए दमकल वाहन की व्यवस्था बहुत जरूरी है। पिछले दिनों जनपद पंचायत अध्यक्ष सुनीता संतोष दुबे ने कलेक्टर से मुलाकात कर ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में अग्निशमन वाहन की व्यवस्था करने की मांग की थी। किसानों का कहना है कि अगर क्षेत्र में समय पर दमकल वाहन उपलब्ध होते, तो इस आग को जल्द काबू में किया जा सकता था और बड़े नुकसान से बचा जा सकता था।
आगजनी की इन घटनाओं से किसानों में दहशत का माहौल है। वे मांग कर रहे हैं कि प्रशासन इस ओर जल्द ध्यान दे और आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय करे।