कछार गांव बड़ा में जल गंगा संवर्धन अभियान का भव्य शुभारंभ, तालाब गहरीकरण कार्य से जल संरक्षण की दिशा में कदम।
सीईओ व सरपंच ने किया श्रमदान, गर्मी में कृषि और पशुपालन के लिए जल संरक्षण पर विशेष जोर
सिलौंडी:
जल संरक्षण को बढ़ावा देने और प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से कछार गांव बड़ा में जल गंगा संवर्धन अभियान की भव्य शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत तालाबों के गहरीकरण, जल स्रोतों की सफाई और जल पुनर्भरण की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है।
ढीमरखेड़ा जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) यजुवेंद्र कोरी, सरपंच कैलाश चंद्र जैन, जनपद पंचायत सदस्य गणेश दत्त गौतम, सरपंच खमरिया बागरी अनिल सिंह बागरी, लालपुर सरपंच मीना मोहन बागरी, सीमा भरत शुक्ला, शैलेश जैन, सहायक यंत्री अजय केशलानी, उपयंत्री ओम प्रकाश गुप्ता, सचिव विकास खरे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में तालाब के गहरीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर सरपंच कैलाश चंद्र जैन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी यजुवेंद्र कोरी ने स्वयं श्रमदान कर जल संरक्षण अभियान को गति दी। उन्होंने कहा कि जल स्रोतों के संरक्षण से न केवल भूजल स्तर में वृद्धि होगी, बल्कि आने वाले वर्षों में खेती और पशुपालन में भी कोई कठिनाई नहीं होगी।
सीईओ यजुवेंद्र कोरी ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेशभर में जल संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुराने तालाबों, कुओं, बावड़ियों और अन्य जल स्रोतों की सफाई और गहरीकरण का कार्य किया जाएगा। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इस कार्य में अधिक से अधिक ग्रामीणों को जोड़कर जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दौरान स्थानीय पंच दीपक जैन, पंच केशव बागरी, प्रभा बर्मन, रघुवीर बर्मन, सुनीता कुम्हार, प्रमोद पाल, विश्वनाथ बागरी, संतोष मेहरा, आजाद बागरी, अंजो बर्मन, पिंकी, अनिता ठाकुर, संजू बागरी, देवेंद्र विश्वकर्मा, हीरा विश्वकर्मा, अतीश कोरी, सौरभ कोरी, राकेश ठाकुर, संगीता तिवारी, रविदास कोरी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संगीता तिवारी, रीना बागरी, संतोष मेहरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि जल संरक्षण की दिशा में यह एक प्रभावी कदम है, जिससे आने वाले समय में जल संकट की समस्या को कम किया जा सकेगा। इस अभियान के तहत अन्य गांवों में भी तालाबों और जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन का कार्य किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में जल आपूर्ति सुचारु बनी रहेगी।