शिक्षकों की द्वितीय क्रमोन्नति पर दो माह से लंबित फैसला, डीईओ की अनदेखी से बढ़ा आक्रोश,आंदोलन की तैयारी।
निर्णय में देरी से शिक्षकों में नाराजगी, दो अप्रैल को कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन, आदेश जारी होने तक करेंगे आंदोलन।
सिहोरा,जबलपुर:
जिले के सैकड़ों माध्यमिक शिक्षकों की द्वितीय क्रमोन्नति और उच्च माध्यमिक शिक्षकों के द्वितीय समयमान वेतनमान आदेशों को डीईओ और जेडी कार्यालय ने दो माह से लंबित रखा है। लगातार पत्राचार और ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद आदेश जारी नहीं होने से शिक्षकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा जबलपुर के पदाधिकारियों ने बताया कि शिक्षक लंबे समय से अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन संबंधित अधिकारी टालमटोल कर रहे हैं। अब शिक्षकों ने आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है और जब तक आदेश जारी नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ज्ञापन सौंपकर देंगे चेतावनी:
संयुक्त मोर्चा जबलपुर के शिक्षक नेता नरेंद्र त्रिपाठी, रत्नेश मिश्रा, उमाशंकर पटेल, दीपक पटेल, अजय सिंह, आशीष उपाध्याय, महेंद्र अहवासी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आगामी दो अप्रैल को जबलपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। कलेक्टर से मुलाकात के बाद उसी दिन आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
लंबित आदेश और शिक्षकों की नाराजगी:
जिले में सैकड़ों माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक द्वितीय क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के पात्र हैं। डीईओ कार्यालय द्वारा पहले क्रमोन्नति आदेश जारी किए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें निरस्त कर दिया गया। इस निर्णय से नाराज शिक्षकों ने 21 जनवरी 2025 को डीईओ और जेडी कार्यालय को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।
शिक्षकों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर जानबूझकर आदेशों को रोका जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि जबलपुर जिले में अधिकारियों द्वारा मनमानी की जा रही है और वे स्पष्ट रूप से यह नहीं बता रहे कि आदेशों पर रोक किस कारण से लगाई गई है।
अन्य जिलों के शिक्षक लाभान्वित, जबलपुर में देरी क्यों?
पूरे मध्यप्रदेश में शिक्षकों को क्रमोन्नति का लाभ मिल चुका है। संभाग के कटनी जिले में शिक्षकों के द्वितीय क्रमोन्नति आदेश महीनों पहले जारी कर दिए गए थे और वहां के शिक्षकों को तीन महीने से बढ़ा हुआ वेतन भी मिल रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा मंत्री ने विभागीय बैठक में साफ निर्देश दिए थे कि शिक्षकों को द्वितीय क्रमोन्नति आदेश जारी कर एरियर की राशि मार्च माह तक प्रदान की जाए, लेकिन जबलपुर जिले में इन निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
अब आंदोलन ही एकमात्र रास्ता:
शिक्षकों का कहना है कि जब कटनी जैसे अन्य जिलों में शिक्षकों को यह लाभ दिया जा सकता है, तो जबलपुर के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है? शिक्षक संगठनों का कहना है कि बार-बार मांग करने के बावजूद कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे वे अब आंदोलन के लिए मजबूर हो गए हैं।
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही आदेश जारी नहीं होते हैं, तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। शिक्षकों का यह भी कहना है कि जब तक आदेश पारित नहीं होते, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। अब यह देखना होगा कि दो अप्रैल को कलेक्टर से मिलने के बाद क्या निर्णय लिया जाता है और प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।