सरकारी स्कूलों में एक से चार अप्रैल तक धूमधाम से मनाया जाएगा प्रवेशोत्सव।
शिक्षा विभाग के निर्देश पर विभिन्न गतिविधियों के साथ नामांकन एवं प्रेरक कार्यक्रमों का आयोजन।
ढीमरखेड़ा, कटनी:
वर्ष 2025-26 का नया शैक्षणिक सत्र 01 अप्रैल 2025 से प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर को विशेष बनाने के लिए प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में 01 से 04 अप्रैल तक प्रवेशोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना, नामांकन प्रक्रिया को प्रभावी बनाना तथा शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रवेशोत्सव के दौरान विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया जा सके। इन चार दिनों में विद्यालय स्तर पर सांस्कृतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और प्रेरणादायक कार्यक्रम होंगे, जो छात्रों में शिक्षा के प्रति रुचि को बढ़ावा देंगे।
01 अप्रैल: नामांकन एवं पाठ्यपुस्तक वितरण:
प्रवेशोत्सव की शुरुआत 01 अप्रैल को जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रभारी मंत्री, सांसद, विधायक, जन प्रतिनिधियों, पूर्व छात्रों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में होगी। इस अवसर पर कक्षा 1 से 11 तक के सभी छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नामांकित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया जाएगा।
इस दिन विशेष भोज का भी आयोजन होगा, जिससे बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
02 अप्रैल: भविष्य से भेंट कार्यक्रम:
दूसरे दिन ‘भविष्य से भेंट’ कार्यक्रम के अंतर्गत समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसमें जनप्रतिनिधि, मीडिया कर्मी, कलाकार, खिलाड़ी, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य प्रबुद्धजन शामिल होंगे। ये आमंत्रित व्यक्तित्व छात्रों के समक्ष प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत करेंगे, जिससे बच्चों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
इस दौरान इच्छुक अतिथि छात्रों को उपयोगी वस्तुएँ जैसे कॉपी, किताबें, पेन, स्कूल बैग आदि भेंट कर सकते हैं।
03 अप्रैल: सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियाँ:
तीसरे दिन विद्यार्थियों में विद्यालय के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों में नृत्य, संगीत, कविता पाठ, नाटक, चित्रकला एवं विभिन्न खेल प्रतियोगिताएँ शामिल होंगी।
इस अवसर पर उन विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने सत्र 2024-25 में 85% से अधिक उपस्थिति दर्ज की है। इससे अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और नियमित विद्यालय आने की प्रवृत्ति विकसित होगी।
04 अप्रैल: हार के आगे जीत है:
चौथे एवं अंतिम दिन ‘हार के आगे जीत है’ कार्यक्रम के तहत उन विद्यार्थियों को पुनः शिक्षा की ओर प्रेरित किया जाएगा, जो वर्ष 2025 की परीक्षा में सफलता प्राप्त नहीं कर सके। इन छात्रों को दोबारा अध्ययन के लिए तैयार करने के उद्देश्य से विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहाँ शिक्षकों द्वारा उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी जाएगी।
इसी दिन शाला प्रबंधन समिति की बैठक भी आयोजित होगी, जिसमें विद्यालय की वार्षिक कार्ययोजना, 30 सितंबर 2025 तक छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों के 100% नामांकन, उनकी नियमित उपस्थिति एवं शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा की जाएगी।
समुदाय की सहभागिता से प्रवेशोत्सव को सफल बनाने की अपील:
विकासखंड ढीमरखेड़ा के समस्त विद्यालयों में प्रवेशोत्सव को सफलतापूर्वक मनाने के लिए क्षेत्र के प्रबुद्धजनों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अभिभावकों एवं शिक्षकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी संयुक्ता उइके, बीआरसी प्रेम कोरी, हेमंत सामल, सूर्यकांत त्रिपाठी, सत्येंद्र गौतम, रामनाथ पटेल, के. के. पटेल, गणेश महोबिया, अनिल दुबे, जनशिक्षक आशीष चौरसिया, अवधेश पटेल, जगन पटेल, संतोष बर्मन, सत्यदेव महोबिया, सत्येंद्र बागरी, सुशील पटेल, श्रीकांत त्रिपाठी, अजय पाण्डेय, बाबूराम मांझी, कमल नारायण दुबे, मनोज गौतम एवं रमेश उसरेठे ने इस आयोजन में सहभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
इस चार दिवसीय प्रवेशोत्सव का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना एवं उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित करना है।