जिला जेल विदिशा में महाशिवरात्रि के पावन पर्व और महाकुंभ के अंतिम शाही स्नान के अवसर पर कैदियों को महाकुंभ के जल से कराया गया स्नान।
विदिशा:
गायत्री परिवार के सहयोग से तथा जेल स्टाफ के सौजन्य से जिला जेल में कैदियों द्वारा कुंभ के पवित्र जल से स्नान कराना एक विशेष और आध्यात्मिक घटना रही। कुंभ मेले का जल हिंदू धर्म में पवित्र और मोक्षदायक माना जाता है। विदिशा जेल के स्टाफ द्वारा महाकुंभ से जब यह जल विदिशा जेल लाया गया, तो कैदियों को इसे आस्था और शुद्धिकरण के रूप में स्वीकार करने का अवसर मिला। राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा एवं अध्यक्ष लायंस क्लब विदिशा लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया कि जेल प्रशासन ने इस आयोजन को विशेष रूप से संपन्न किया। जिससे कैदियों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त हुई। धार्मिक आस्था के अनुसार, कुंभ का जल आत्मशुद्धि और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक होता है। कैदियों ने इस पवित्र स्नान को एक नई शुरुआत के रूप में देखा।विदिशा जेल के जेलर प्रियदर्शन श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे आयोजनों से कैदियों में सुधार की भावना जागृत होती है। इससे उनमें सकारात्मकता और आध्यात्मिकता का विकास होता है। इस आयोजन से कैदियों को आत्मनिरीक्षण करने और अच्छे कार्यों की ओर बढ़ने की प्रेरणा मिली। जेल में रहते हुए भी उन्हें धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ। इस आयोजन ने समाज में जेल सुधार कार्यक्रमों की उपयोगिता को दर्शाया। गायत्री परिवार के कार्यकर्ता मनोज मीणा और प्रेमनारायण मीणा ने मंत्रोच्चार के साथ कुंभ से ले गए जल को कैदियों के स्नान करने हेतु रखे गए जल में मिलाकर मंत्र उपचार के साथ यह कार्य संपन्न करवाया। उन्होंने कहा जेल में ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों से कैदियों में नैतिक सुधार संभव हो सकता है। समाज को भी इन गतिविधियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपराधियों को सुधारने के लिए ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देना चाहिए। कार्यक्रम करवाने में गायत्री परिवार जिला समन्वयक मुकेश तिवारी, गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी राम जी कटियार तथा ट्रस्टी गीता श्रीवास्तव तथा ट्रस्टी सुमन भदौरिया की भी विशेष भूमिका रही।