ग्रामपंचायत मुरवारी में सरपंच अजय पटेल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और योजनाओं में गड़बड़ी का मामला उजागर।
उपसरपंच सुखचैन पटेल सहित पंचों ने जनपद पंचायत सीईओ को सौंपी शिकायत, निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग।
मुरवारी,ढीमरखेड़ा:
ग्रामपंचायत मुरवारी में भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत के सरपंच अजय पटेल पर विकास कार्यों में अनियमितताओं, सरकारी संपत्ति के दुरुपयोग और मनमानी का आरोप लगाया गया है। उपसरपंच सुखचैन पटेल सहित अन्य पंचों ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यजुर्वेंद्र कोरी को शिकायत पत्र सौंपकर सरपंच और सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरपंच अजय पटेल ने ग्राम पंचायत की पुरानी कांजी हाउस बिल्डिंग को बिना प्रशासनिक अनुमति के ध्वस्त कर दिया। इस भवन से प्राप्त ईंट, लकड़ी, दरवाजे, खिड़कियां एवं टीन आदि को नीलाम करने के बजाय अपने निजी निर्माण कार्य में इस्तेमाल कर लिया। यह पूरा कार्य बिना किसी पारदर्शिता के किया गया, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका प्रबल हो गई है।
करीब 60 साल पुरानी इस सरकारी इमारत को गिराने से पहले किसी भी स्तर पर अनुमति नहीं ली गई और न ही इसके पुनर्निर्माण के लिए कोई योजना प्रस्तुत की गई। आरोप है कि मजदूरों की उपस्थिति को मनरेगा योजना में दर्शाकर भुगतान किया गया, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ। यह न केवल वित्तीय अनियमितता है, बल्कि कानूनी रूप से भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
ग्राम पंचायत के उपसरपंच सुखचैन पटेल और अन्य पंचों ने इस कृत्य को सरकार की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने और योजनाओं में हेरफेर करने जैसा बताया है। उनका कहना है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, तो भ्रष्टाचार के कई और मामले सामने आ सकते हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में पक्षपात और गड़बड़ी के आरोप:
शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत के सचिव मंसूरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वेक्षण में भारी पक्षपात किया है। केवल सरपंच और उनके करीबी लोगों के नाम सूची में जोड़े गए, जबकि वास्तविक पात्रों को जानबूझकर बाहर रखा गया। ग्रामीणों ने इस मनमानी पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निष्पक्ष सर्वेक्षण की मांग की है।
ग्रामवासियों का कहना है कि पंचायत में चल रही योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। सचिव और सरपंच की मिलीभगत से विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। ग्रामसभा का आयोजन नहीं किया जाता, और किसी भी कार्य को लेकर पंचों से कोई परामर्श नहीं लिया जाता। पंचायत की बैठकें मात्र औपचारिकता बनकर रह गई हैं, और सभी कार्य सरपंच एवं सचिव की मनमर्जी से किए जा रहे हैं।
मंगल भवन निर्माण में भी अनियमितताओं के आरोप:
ग्राम पंचायत के अंतर्गत निर्माणाधीन मंगल भवन में भी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस भवन के निर्माण में बेहद घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। सबसे खराब गुणवत्ता की रेत का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंचायत द्वारा विकास कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी कर सरकारी धन का बड़े पैमाने पर नुकसान किया जा रहा है।
ग्रामवासियों ने मांग की है कि निर्माण कार्यों की सघन जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस मामले की जांच नहीं की गई तो भविष्य में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और अधिक बढ़ सकता है।
ग्रामवासियों ने निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की:
ग्रामवासियों और पंचों ने जनपद पंचायत से आग्रह किया है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए और दोषियों को कानूनन दंडित किया जाए। पंचायत स्तर पर पारदर्शिता लाने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता बताई गई है, ताकि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग हो सके और गांव के विकास कार्य बिना किसी भ्रष्टाचार के पूर्ण हो सकें।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सीईओ से मांग की है कि जल्द से जल्द जांच कर दोषियों को दंडित किया जाए और पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए।
वहीं जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के सी. ई. ओ यजुर्वेन्द्र कोरी से बात करने पर उन्होंने कहा की ग्रामपंचायत मुरवारी की शिकायत आयी है, हम टीम का गठन कर रहे हैं, सघनता से जाँच कर दोसी पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।